जनरल अली हाजीज़ादे ने कहा कि दुश्मनों ने वर्षों तक ईरान पर हथियारों के प्रतिबंध लगाए रखे लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ।
आईआरजीसी की एरोस्पेस यूनिट के कमान्डर ने गुरुवार को शहीद हसन तेहरानी मुक़द्दम की दसवीं बर्सी के अवसर पर कहा कि दुश्मन जो हमारे मीज़ाइलों के बारे में वार्ता करने की बात कर रहा है या जो इस्लामी गणतंत्र ईरान के ड्रोन विमान उसकी आंखों का कांटा बन गये हैं और वह यह सब कुछ सीमित करने की बात कर रहा है तो इससे हमारी शक्ति और क्षमता का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि दुश्मनों ने वर्षों से हम पर हथियारों के प्रतिबंध लगा रखे लेकिन उनके प्रयास परिणामहीन रहे हैं।
जनरल हाजीज़ादे ने दुश्मनों की ओर से सारे विकल्प मेज़ पर होने की धमकी दोहराए जाने के बारे में कहा कि इस समय दुनिया में मौजूद सारी सरकारों में केवल इस्राईल है जो अपने अस्तित्व और अपने जीवन को जारी रखने की बात करता है और इसके बारे में सोचता है इसीलिए ऐसा शासन जो अपने अस्तित्व की जंग लड़ रहा है उसे तबाह होना ही है और ऐसा शासन किसी दूसरे देश के बारे में बात नहीं कर सकता और इस समय वह जो धमकियां दे रहे हैं वह ज़्यादातर आंतरिक समस्याओं पर नियंत्रण पाने के लिए है।
आईआरजीसी के एरोस्पेस विभाग के कमान्डर ने कहा कि इस्राईली अधिकारी जानते हें कि वह जंग तो शुरू कर सकते हैं लेकिन ख़त्म हम ही करेंगे और वह इस्राईल की तबाही है और अगर उसने हमें इस का मौक़ा दिया तो यह ज़ायोनियों की आख़िरी सरकार होगी और निश्चित रूप से उनकी तबाही की तारीख़ और भी निकट आ जाएगी और वह बहुत पहले ख़त्म हो जाएगी।